russia ne corona vaccine banai

कोरोना के किले पर रूस  का  बड़ा प्रहार। russia ne corona vaccine banai , भारत के  dost रूस ने बड़ी खबर दी है रूस ने दुनिया की पहली कोरोनावायरस इन का वॉलिंटियर्स अप्लाई पूरा कर लिया है यानी कोरोनावायरस इन बनाने के मामले में रूस  से बाजी मार ली रूस के स्टेशनों विश्वविद्यालय ने यह दावा दावा किया है और कहा है कि कोरोनावायरस के लिए वैक्सीन तैयार कर ली गई या नहीं अगर उनका यह दावा सच निकला तो यह कोरोनावायरस की पहली वैक्सीन है जो पूरी तरह से कामयाब रही है कोरोनावायरस vaccine डेवलपमेंट रूस ने अमेरिका , चीन और ब्रिटेन को बहुत पीछे छोड़ दिया है क्योंकि अभी तक किसी और वैक्सीन का trial  भी पूरा नहीं हो सका है .

russia ne corona vaccine banai
Image by Shafin Al Asad Protic

चीन अमेरिका समेत कई देशों की vaccine trial  के phase 2 or phase 3  है , कुछ वैक्सीन तो ट्रायल के शुरुआती दौर में ही रूस  russia ne corona vaccine banai . इस के पहले चीन की सफलता का दावा किया है university  के institute for translation and biotechnology    के director  मुताबिक  इंस्टीट्यूट आफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी नहीं है वैक्सीन तैयार की उन्होंने सब तनिक से बातचीत से कहा कि सारे सेफ्टी स्टैंडर्ड पर खरा उतरने के बाद ही इस वैक्सीन ट्रायल  पूरा हुआ है, सुरक्षा के लिहाज से व्यक्ति के सभी पहलुओं की जांच कर ली गई है उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए बहुत जल्द 3 बाजार में आ जाएँगी , यूनिवर्सिटी ने कोरोना के virus   के साथ काम करना शुरू किया है बड़ी बात तो यह है कि जो आज में शामिल रहे सभी वॉलिंटियर्स के दूसरे समूह को २० जुलाई को छुट्टी भी दी जाएँगी।

russia corona vaccine developement

vaccine के developement में आमतौर पर एक phase 3 भी शामिल होता है। वास्तव में, लार्गेस्केल के उपयोग के लिए कोई भी vaccine अब तक phase 3 के परीक्षणों के बिना अनुमोदित नहीं किया गया है। बड़ी संख्या में volunteers , आमतौर पर कई हजारों की संख्या में, phase 3 के लिए नामांकित होते हैं, जिसमें शोधकर्ता यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि क्या vaccine द्वारा ट्रिगर की गई प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया वास्तविक जीवन की स्थितियों में virus से लड़ने में सक्षम है। इस प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं.

रूसी defence ministry के साथ साझेदारी में गेमाले नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा विकसित किया गया था, ने 18 जून को phase -1 मा नव परीक्षण शुरू किया था, जिसमें 18 volunteers को टीके लगाने के लिए चुना गया था।

volunteers के एक छोटे समूह पर phase 1 में एक टीके की सुरक्षा और सहनशीलता का परीक्षण किया जाता है। news reports में कहा गया है कि ministry ने दावा किया था कि किसी भी volunteers ने कोई शिकायत दर्ज नहीं की है, कोई side effects का अनुभव नहीं किया है, और जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।इस तरह russia ne corona vaccine banai

 

corona vaccine कब तक आएगी अमेरिका में   ?

coronavirus  को लेके अमेरिका की कंपनी  moderma  का दावा है कि वह जल्द ही कोरोनावायरस वैक्सीन का  निर्माण कर ले गी, moderna का दवा है की इस vaccine वजसे किसी व्यक्ति में कोरोना का संक्रमण नहीं हो सकता क्यों इस में कोरोना वायरस मौजूद  नहीं होता  , 18 मई को मर्डरमा  ने ऐलान किया था कि phase 1 trial  में  इसके परिणाम सकारात्मक आए एमआरएनए 1273 वैक्सीन को अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ  national institute of health  moderna कंपनी ने तैयार किया है vaccine  को  लेकर यह भी कहा था कि जुलाई में वैक्सीन की phase 3   की  study शुरू हो जाएगी तीसरे राउंड में 30000 लोगों को वैक्सीन की खुराक दिए जाने की योजना है

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यह भी पढ़ें। दुनिया भर में coronavirus vaccine (टिका) की जरुरत मैसूस हो रही है.

corona vaccine भारत में कब तक आएगी  ?

दुनिया भर में कोरोनावायरस वैक्सीन के ट्रायल सामान्य से कई गुना ,स्पीड  चल रहे हैं रेसेअर्चेर्स  दिन रात एक कर कोरोनावायरस वैक्सीन के अध्ययन   में लगे हुए हैं, भारत में भी पहली वैक्सीन तैयार हो गई इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी और भारत बायोटेक  ने मिलकर कोवाक्सिने  नाम से वैक्सीन बनायीं है जिसके कम्पलीट ट्रायल और वैक्सीन अप्रूवल और कुछ टाइम लगेगा ,कवक्सीने का ह्यूमन ट्रायल भी शामिल होने जा रहा है ,  वॉलिंटियर्स का रजिस्ट्रेशन लगभग पूरा हो चुका है दिल्ली पटना AIMS  सहित देश के 12 संस्थानों को ट्रायल की परमिशन दी गई है यह vaccine आईसीएमआर एनआईबी और Bharat biotech ने मिलकर बनाई हैसबसे आगे रहने वाली वैक्सीन   ट्रायल में पिछड़ी?

 

दुनियाभर में कोरोना वायरस पर   करीब 160 वैक्सीन  पर रिसर्च चल रही है वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन यानी डब्ल्यूएचओ के अनुसार 21 क्लिनिकल इवेलुएशन stage में है जिसमे चीन सबसे आगे चल रहा था।  लेकिन बाद में जो खबर आई वह बेहद चौंकाने वाली रही कि चीन की वैक्सीन पर खुद चीन के वैज्ञानिकों को ही भरोसा नहीं और खुद चीन के लोग इस वैक्सीन  के ट्रायल को लेकर के आगे नहीं आना चाह रहे हैं चीन की वैक्सीन developer  cansino biologics  अपनी कोरोनावायरस वैक्सीन का फेज ३ का ट्रायल शुरू करने वाले है इसके लिए रूस ब्राजील सऊदी अरब और चीनी से बातचीत हो रही है कंपनी टेस्ट के लिए 40,000 participants चाहते हैं .

 

Ad5-nCoV नाम की वैक्सीन मार्च में ही ह्यूमन टेस्टिंग  के दौर में पहुंच गई थी, मगर  ट्रायल में पिछड़ गई sinoफार्मा  biotech and china national pharmaceutical groups ko वैक्सीन को पहले ही पृथ्वी के लिए अप्रूवल मिल चुका है beijing instituet of biotechnology   की वैक्सीन के फेस टू के नतीजे शानदार बताए गए थे  लेकिन  चीन की वैक्सीन पर दुनिया को अब काम ही भरोसा होगया है।

 

थाईलैंड  में चल रह वैक्सीन  क्लीनिकल ट्रायल ?

थाईलैंड अपने covid-19 vaccine का  बंदरों और चूहों पर test कर चुका है दोनों में पर्याप्त antibodies बनती देखी गई स्किनटिस्ट रेसेअर्चेर  को उम्मीद है कि ऐसे इंसानों पर भी देखने को मिलेगा एक्सपर्ट्स  ने उम्मीद जताई है कि अगर ट्रायल सफल रहते हैं तो थाईलैंड को अगले साल जून तक व्यक्ति मिल सकती है वहां पर ह्यूमन ट्रायल  सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है.

 

 

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